अब बसों के इंतजार में घंटों बैठने का जमाना गया, इस नई तकनीक से दिल्ली में यात्री सुविधाओं को लगेंगे पंख
Delhi Buses: दिल्ली जैसे महानगर में रोजाना लाखों लोग डीटीसी और क्लस्टर बसों से यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए सफर को स्मार्ट, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाना एक बड़ी चुनौती थी। अब इसी दिशा में एक बड़ा कदम चार्टर स्टार्टअप ने उठाया है, जिसे IIIT-दिल्ली के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं ने तैयार किया है।

Delhi NCR News: दिल्ली जैसे महानगर में रोजाना लाखों लोग डीटीसी और क्लस्टर बसों से यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए सफर को स्मार्ट, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाना एक बड़ी चुनौती थी। अब इसी दिशा में एक बड़ा कदम चार्टर स्टार्टअप ने उठाया है, जिसे IIIT-दिल्ली के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं ने तैयार किया है।
अब यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही टिकट खरीदने के लिए जेब से पैसे निकालने पड़ेंगे। बसें कब और कहां पहुंचेंगी, इसकी सटीक जानकारी तथा डिजिटल टिकटिंग विकल्प दिल्लीवासियों के लिए यात्रा को आसान बनाते हैं। आईआईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसर रंजन बोस ने इसे संस्थान के लिए “गर्व का क्षण” बताया।

यह उदाहरण दिखाता है कि किस प्रकार शिक्षाविदों द्वारा किए गए शोध को संस्थागत सहयोग के साथ जमीनी स्तर पर लागू करके समाज में ठोस बदलाव लाया जा सकता है। इससे भविष्य में नवोन्मेषी स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलेगी। चार्टर प्रौद्योगिकी केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। इसकी तकनीकी अवसंरचना को अन्य भारतीय शहरों में भी दोहराया जा सकता है।
स्टार्टअप के संस्थापक डॉ. प्रवेश बियाणी ने कहा कि समाधान में ट्रैकिंग, यात्रा नियोजन और मल्टीमॉडल टिकटिंग जैसी विशेषताएं हैं, जो भारत में शहरी परिवहन चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता रखती हैं। सात वर्षों के अनुसंधान और विकास के बाद, यह स्टार्टअप अब न केवल दिल्ली में बल्कि देश के अन्य शहरों में भी बुद्धिमान सार्वजनिक परिवहन की दिशा में काम कर रहा है।










